Cm Soren Wrote A Letter To Pm Modi And Said That The Centre Is Not Paying Gst Arrears To The State Governments – सोरेन ने पीएम को लिखा पत्र, कहा- जीएसटी का बकाया नहीं दे रहा केंद्र

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Updated Sun, 06 Sep 2020 01:18 AM IST

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन
– फोटो : PTI

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जीएसटी बकाए को लेकर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा। इसमें सोरेन ने पीएम को बताया कि केंद्र राज्य सरकारों को जीएसटी बकाए का भुगतान नहीं कर रहा है।

पत्र में मुख्यमंत्री सोरेन ने लिखा, वित्तीय वर्ष 2020-21 में झारखंड सरकार को करीब 2,500 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है, लेकिन इसका भुगतान केंद्र सरकार की ओर से नहीं हो रहा है। हाल ही में जीएसटी परिषद की बैठक हुई।

उम्मीद थी कि बैठक में केंद्रीय वित्तमंत्री कुछ ठोस कदम उठाएंगी, लेकिन अविश्वसनीय रूप से उन्होंने राज्य सरकारों के समक्ष जो विकल्प रखा, उसमें सरकारों को करोड़ों रुपये का कर्ज लेना होगा।

केंद्र सरकार ने तीन साल पहले इस कर व्यवस्था को लागू करते समय राज्यों को जीएसटी से होने वाले नुकसान की पांच वर्षों तक भरपाई का आश्वासन दिया था, जिसे तीन साल बाद भी नहीं निभाया जा रहा है। किसी ने सोचा भी नहीं होगा कि केंद्र सरकार ऐसा कदम उठाएगी।

सोरेन ने कहा, सहकारी संघीय ढांचे का तकाजा यह कहता है कि राज्यों को जीएसटी के हुए नुकसान की भरपाई केंद्र सरकार को करनी चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। यह केंद्र और राज्य सरकारों के बीच अविश्वास को बढ़ाएगा।

सोरेन से पहले ममता बनर्जी समेत कई गैर भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री जीएसटी भुगतान को लेकर केंद्र से आग्रह कर चुके हैं।

जीएसटी बकाए को लेकर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा। इसमें सोरेन ने पीएम को बताया कि केंद्र राज्य सरकारों को जीएसटी बकाए का भुगतान नहीं कर रहा है।

पत्र में मुख्यमंत्री सोरेन ने लिखा, वित्तीय वर्ष 2020-21 में झारखंड सरकार को करीब 2,500 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है, लेकिन इसका भुगतान केंद्र सरकार की ओर से नहीं हो रहा है। हाल ही में जीएसटी परिषद की बैठक हुई।

उम्मीद थी कि बैठक में केंद्रीय वित्तमंत्री कुछ ठोस कदम उठाएंगी, लेकिन अविश्वसनीय रूप से उन्होंने राज्य सरकारों के समक्ष जो विकल्प रखा, उसमें सरकारों को करोड़ों रुपये का कर्ज लेना होगा।

केंद्र सरकार ने तीन साल पहले इस कर व्यवस्था को लागू करते समय राज्यों को जीएसटी से होने वाले नुकसान की पांच वर्षों तक भरपाई का आश्वासन दिया था, जिसे तीन साल बाद भी नहीं निभाया जा रहा है। किसी ने सोचा भी नहीं होगा कि केंद्र सरकार ऐसा कदम उठाएगी।

सोरेन ने कहा, सहकारी संघीय ढांचे का तकाजा यह कहता है कि राज्यों को जीएसटी के हुए नुकसान की भरपाई केंद्र सरकार को करनी चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। यह केंद्र और राज्य सरकारों के बीच अविश्वास को बढ़ाएगा।

सोरेन से पहले ममता बनर्जी समेत कई गैर भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री जीएसटी भुगतान को लेकर केंद्र से आग्रह कर चुके हैं।



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