Committee Constituted To Investigate Ips Rahul Sharma Suicide Case – छत्तीसगढ़: समिति करेगी आईपीएस शर्मा आत्महत्या मामले की जांच, खुद को मार ली थी गोली

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर।
Updated Sat, 14 Nov 2020 04:06 PM IST

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छत्तीसगढ़ सरकार ने बिलासपुर जिले के पुलिस अधीक्षक रहे राहुल शर्मा की कथित आत्महत्या मामले की जांच के लिए जेल महानिदेशक के नेतृत्व में पांच सदस्यीय समिति का गठन किया है। शर्मा ने वर्ष 2012 में खुद को गोली मार ली थी।

राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि बिलासपुर जिले के पुलिस अधीक्षक राहुल शर्मा (37 वर्ष) की आत्महत्या मामले की जांच के लिए राज्य शासन ने महानिदेशक (जेल) संजय पिल्लै की अध्यक्षता में समिति का गठन किया है।

उन्होंने बताया कि इस समिति में बिलासपुर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक दीपांशु काबरा, सरगुजा क्षेत्र के पुलिस महानिरक्षक आरएल डांगी और जोनल पुलिस अधीक्षक विशेष शाखा अर्चना झा सदस्य हैं तथा बिलासपुर जिले के पुलिस अधीक्षक प्रशांत अग्रवाल सचिव हैं।

वर्ष 2002 बैच के भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी राहुल शर्मा ने 12 मार्च 2012 को बिलासपुर के आफिसर मेस में अपने सर्विस रायफल से कथित तौर पर खुद को गोली मार ली थी। पुलिस ने जांच के दौरान एक सुसाइड नोट भी बरामद किया था।

पुलिस अधीक्षक की कथित आत्महत्या के बाद उनके परिजनों और मित्रों ने जांच की मांग की थी। बाद में तत्कालीन भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने मामले को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दिया था।

अधिकारियों के मुताबिक सीबीआई ने मामले की जांच की थी लेकिन पुलिस अधिकारी की आत्महत्या को लेकर किसी को भी जिम्मेदार नहीं ठहराते हुए वर्ष 2013 में सीबीआई की विशेष अदालत में मामले को बंद करने की रिपोर्ट प्रस्तुत कर दिया था।

उन्होंने बताया कि जब वर्ष 2018 में राज्य में कांग्रेस की सरकार बनी तब कुछ नेताओं तथा शर्मा के मित्रों ने इस मामले की फिर से जांच कराए जाने की मांग की थी। राज्य सरकार ने घटना के आठ साल बाद जांच समिति का गठन कर मामले की जांच फिर से शुरू की है। समिति सीबीआई द्वारा प्रस्तुत ‘सेल्फ कंटेन्ड नोट’ की कुछ बिंदुओं की व्यापक जांच करेगी।

छत्तीसगढ़ सरकार ने बिलासपुर जिले के पुलिस अधीक्षक रहे राहुल शर्मा की कथित आत्महत्या मामले की जांच के लिए जेल महानिदेशक के नेतृत्व में पांच सदस्यीय समिति का गठन किया है। शर्मा ने वर्ष 2012 में खुद को गोली मार ली थी।

राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि बिलासपुर जिले के पुलिस अधीक्षक राहुल शर्मा (37 वर्ष) की आत्महत्या मामले की जांच के लिए राज्य शासन ने महानिदेशक (जेल) संजय पिल्लै की अध्यक्षता में समिति का गठन किया है।

उन्होंने बताया कि इस समिति में बिलासपुर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक दीपांशु काबरा, सरगुजा क्षेत्र के पुलिस महानिरक्षक आरएल डांगी और जोनल पुलिस अधीक्षक विशेष शाखा अर्चना झा सदस्य हैं तथा बिलासपुर जिले के पुलिस अधीक्षक प्रशांत अग्रवाल सचिव हैं।

वर्ष 2002 बैच के भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी राहुल शर्मा ने 12 मार्च 2012 को बिलासपुर के आफिसर मेस में अपने सर्विस रायफल से कथित तौर पर खुद को गोली मार ली थी। पुलिस ने जांच के दौरान एक सुसाइड नोट भी बरामद किया था।

पुलिस अधीक्षक की कथित आत्महत्या के बाद उनके परिजनों और मित्रों ने जांच की मांग की थी। बाद में तत्कालीन भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने मामले को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दिया था।

अधिकारियों के मुताबिक सीबीआई ने मामले की जांच की थी लेकिन पुलिस अधिकारी की आत्महत्या को लेकर किसी को भी जिम्मेदार नहीं ठहराते हुए वर्ष 2013 में सीबीआई की विशेष अदालत में मामले को बंद करने की रिपोर्ट प्रस्तुत कर दिया था।

उन्होंने बताया कि जब वर्ष 2018 में राज्य में कांग्रेस की सरकार बनी तब कुछ नेताओं तथा शर्मा के मित्रों ने इस मामले की फिर से जांच कराए जाने की मांग की थी। राज्य सरकार ने घटना के आठ साल बाद जांच समिति का गठन कर मामले की जांच फिर से शुरू की है। समिति सीबीआई द्वारा प्रस्तुत ‘सेल्फ कंटेन्ड नोट’ की कुछ बिंदुओं की व्यापक जांच करेगी।



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