Pollution In Uttarakhand: Pollution Is Increasing In Cities Of Uttarakhand With Unlocked – अनलॉक की छूट के साथ बढ़ता जा रहा है उत्तराखंड के शहरों में प्रदूषण, 30 से 40 प्रतिशत हो गई बढ़ोतरी

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प्रतीकात्मक तस्वीर
– फोटो : अमर उजाला

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प्रदेश में अनलॉक शुरू होने के बाद से प्रदूषण का स्तर भी लगातार बढ़ता जा रहा है। उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पीएम-10 के आंकड़े इसकी पुष्टि कर रहे हैं। न केवल देहरादून बल्कि ऋषिकेश, हरिद्वार, हल्द्वानी, काशीपुर और रुद्रपुर में भी लगातार प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है।

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से सितंबर तक के आंकड़े जारी किए गए हैं। मार्च में लॉकडाउन शुरू होने के साथ जहां प्रदूषण के स्तर में गिरावट आनी शुरू हो गई थी। मई में प्रदूषण का स्तर काफी नीचे चला गया था। जून से अनलॉक 1.0 शुरू हुआ।

जून के बाद जुलाई से लेकर सितंबर तक प्रदूषण के स्तर में सभी शहरों में 30 से 40 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अभी दीपावली के दौरान यह स्तर और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। खास बात यह है कि वर्तमान में प्रदूषण का जो स्तर है, वह मानकों से करीब 40 प्रतिशत ऊपर है।

ऋषिकेश

मार्च-113.96

अप्रैल-58.55

मई-91.52

जून-93.85

जुलाई-101.31

अगस्त-108.91

सितंबर-113.64

हरिद्वार

मार्च-123.32

अप्रैल-46.08

मई-49.43

जून-78.29

जुलाई-78.8

अगस्त-78.5

सितंबर-87.21

हल्द्वानी

मार्च-109.01

अप्रैल-68.66

मई-92.01

जून-106.32

जुलाई-105.89

अगस्त-110.74

सितंबर-109.06

काशीपुर

मार्च-129.32

अप्रैल-76.3

मई-103.95

जून-114.32

जुलाई-114.06

अगस्त-उपलब्ध नहीं

सितंबर-120.23

रुद्रपुर

मार्च-127.08

अप्रैल-75.3

मई-68.66

जून-116.8

जुलाई-120.46

अगस्त-115.91

सितंबर-125.41

नोट:- यह आंकड़ा उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पीएम-10 के मानकों के हिसाब से है। 

पीएम-10 वो कण हैं, जिनका व्यास 10 माइक्रोमेटर होता है और इन्हें फाइन पार्टिकल्स भी कहा जाता है। पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि पीएम-10 को रेस्पायरेबल पर्टिकुलेट मैटर भी कहते हैं। इसमें धूल, गर्द और धातु के सूक्ष्म कण शामिल होते हैं।

पीएम-10 और 2.5 धूल, कंस्ट्रक्शन की जगह पर और कूड़ा व पुआल जलाने से ज्यादा बढ़ता है। सरकार के मानकों के मुताबिक, वायु में पीएम-10 का सालाना स्तर 60 और 24 घंटे का स्तर 100 का सामान्य माना जाता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, इस हिसाब से मासिक तौर पर भी 60 के स्तर को ही आदर्श माना जा सकता है।

देहरादून में भी लगातार बढ़ रहा प्रदूषण

राजधानी में भी प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक, मई और जून में तो पीएम-10 करीब 70 के आसपास रहा, लेकिन इसके बाद से लगातार बढ़ते हुए यह 100 के आसपास पहुंच चुका है। दीपावली के दौरान यह और बढ़ने के आसार हैं।

सार

  • जून में अनलॉक शुरू होने के बाद से 30 से 40 प्रतिशत हो गई प्रदूषण में बढ़ोतरी
  • उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़े दे रहे हैं प्रदूषण बढ़ने की गवाही

विस्तार

प्रदेश में अनलॉक शुरू होने के बाद से प्रदूषण का स्तर भी लगातार बढ़ता जा रहा है। उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पीएम-10 के आंकड़े इसकी पुष्टि कर रहे हैं। न केवल देहरादून बल्कि ऋषिकेश, हरिद्वार, हल्द्वानी, काशीपुर और रुद्रपुर में भी लगातार प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है।

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से सितंबर तक के आंकड़े जारी किए गए हैं। मार्च में लॉकडाउन शुरू होने के साथ जहां प्रदूषण के स्तर में गिरावट आनी शुरू हो गई थी। मई में प्रदूषण का स्तर काफी नीचे चला गया था। जून से अनलॉक 1.0 शुरू हुआ।

जून के बाद जुलाई से लेकर सितंबर तक प्रदूषण के स्तर में सभी शहरों में 30 से 40 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अभी दीपावली के दौरान यह स्तर और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। खास बात यह है कि वर्तमान में प्रदूषण का जो स्तर है, वह मानकों से करीब 40 प्रतिशत ऊपर है।


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किस शहर में कितना प्रदूषण का स्तर



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