There Is A Reduction Of About 14 Percent In The Number Of Malnourished Children In A Year In Chhattisgarh – छत्तीसगढ़ : एक साल में कुपोषित बच्चों की संख्या में करीब 14 फीसदी की कमी

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर

Updated Mon, 05 Oct 2020 02:44 PM IST

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल
– फोटो : ANI

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छत्तीसगढ़ सरकार ने कहा कि कुपोषण के खिलाफ चलाए गए अभियान के कारण पिछले एक साल में कुपोषित बच्चों की संख्या में करीब 14 फीसदी की कमी आई है। छत्तीसगढ़ सूचना केंद्र की ओर से यहां जारी बयान के मुताबिक, एक साल के भीतर 67 हजार से अधिक बच्चे कुपोषण से मुक्त हुए हैं।

राज्य की महिला और बाल विकास मंत्री अनिला भेंड़िया ने कहा कि छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। अभियान के साथ विभिन्न योजनाओं के एकीकृत योजना और समन्वित प्रयास से बच्चों में कुपोषण दूर करने में बड़ी सफलता मिली है।

उन्होंने बताया कि योजना के शुरू होने के समय के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में लगभग चार लाख 92 हजार बच्चे कुपोषित थे। अब इनमें से 67 हजार से ज्यादा बच्चे कुपोषण से मुक्त हो गए हैं। इस तरह कुपोषित बच्चों में लगभग 13.79 प्रतिशत की कमी आई है।

मंत्री के मुताबिक, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-4 के आंकड़ों में महिलाओं और बच्चों में कुपोषण और एनीमिया की दर को देखते हुए प्रदेश को कुपोषण और एनीमिया से मुक्त करने अभियान की शुरुआत भी की है। अनिला का कहना है कि राष्ट्रीय परिवार सर्वेक्षण-4 के अनुसार, प्रदेश के पांच साल से कम उम्र के 37.7 प्रतिशत बच्चे कुपोषण और 15 से 49 वर्ष की 47 प्रतिशत महिलाएं एनीमिया से पीड़ित थे।

छत्तीसगढ़ सरकार ने कहा कि कुपोषण के खिलाफ चलाए गए अभियान के कारण पिछले एक साल में कुपोषित बच्चों की संख्या में करीब 14 फीसदी की कमी आई है। छत्तीसगढ़ सूचना केंद्र की ओर से यहां जारी बयान के मुताबिक, एक साल के भीतर 67 हजार से अधिक बच्चे कुपोषण से मुक्त हुए हैं।

राज्य की महिला और बाल विकास मंत्री अनिला भेंड़िया ने कहा कि छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। अभियान के साथ विभिन्न योजनाओं के एकीकृत योजना और समन्वित प्रयास से बच्चों में कुपोषण दूर करने में बड़ी सफलता मिली है।

उन्होंने बताया कि योजना के शुरू होने के समय के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में लगभग चार लाख 92 हजार बच्चे कुपोषित थे। अब इनमें से 67 हजार से ज्यादा बच्चे कुपोषण से मुक्त हो गए हैं। इस तरह कुपोषित बच्चों में लगभग 13.79 प्रतिशत की कमी आई है।

मंत्री के मुताबिक, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-4 के आंकड़ों में महिलाओं और बच्चों में कुपोषण और एनीमिया की दर को देखते हुए प्रदेश को कुपोषण और एनीमिया से मुक्त करने अभियान की शुरुआत भी की है। अनिला का कहना है कि राष्ट्रीय परिवार सर्वेक्षण-4 के अनुसार, प्रदेश के पांच साल से कम उम्र के 37.7 प्रतिशत बच्चे कुपोषण और 15 से 49 वर्ष की 47 प्रतिशत महिलाएं एनीमिया से पीड़ित थे।



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