Uttarakhand: World Heritage Flowers Valley Track Opens From Today – उत्तराखंड: आज से खुली विश्व धरोहर फूलों की घाटी, अभी पर्यटकों के प्रवेश पर रोक

0
112


न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, जोशीमठ
Updated Mon, 01 Jun 2020 10:06 AM IST

ख़बर सुनें

विश्व धरोहर फूलों की घाटी आज एक जून से खोल दी गई है। नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के डीएफओ किशन चंद्र ने बताया कि घाटी को खोल दिया गया है। अभी लॉकडाउन के कारण घाटी में पर्यटकों की आवाजाही पर रोक है। उच्च अधिकारियों के निर्देश के बाद ही पर्यटकों को जाने की अनुमति दी जाएगी।

विश्व धरोहर फूलों की घाटी में फूल खिलने शुरू हो गए हैं। फूलों की घाटी के करीब दो किलोमीटर तक बर्फ हटाने के बाद नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क प्रशासन की ओर से घाटी तक ट्रेक आवाजाही के लिए खोल दिया था। 

घाटी के निरीक्षण के बाद जोशीमठ पहुंचे नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के सात सदस्यीय दल में शामिल वन दरोगा दिनेश लाल ने बताया कि फूलों की घाटी के निचले हिस्से में बर्फ पिघलने के बाद फूलों का खिलना शुरू हो गया है। यहां उच्च हिमालयी चोटियां बर्फ से आच्छादित हैं और घाटी की तलहटी में फूलों की कतार लगी हुई है।

हालांकि अभी सिर्फ एनीमोन और प्रिमुला प्रजाति के पुष्प ही खिले हैं। फूलों की घाटी के भ्रमण के लिए जुलाई, अगस्त व सितंबर के महीनों को सर्वोत्तम माना जाता है। सितंबर में यहां ब्रह्मकमल भी खिलते हैं।
 

विश्व धरोहर फूलों की घाटी आज एक जून से खोल दी गई है। नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के डीएफओ किशन चंद्र ने बताया कि घाटी को खोल दिया गया है। अभी लॉकडाउन के कारण घाटी में पर्यटकों की आवाजाही पर रोक है। उच्च अधिकारियों के निर्देश के बाद ही पर्यटकों को जाने की अनुमति दी जाएगी।

विश्व धरोहर फूलों की घाटी में फूल खिलने शुरू हो गए हैं। फूलों की घाटी के करीब दो किलोमीटर तक बर्फ हटाने के बाद नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क प्रशासन की ओर से घाटी तक ट्रेक आवाजाही के लिए खोल दिया था। 

घाटी के निरीक्षण के बाद जोशीमठ पहुंचे नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के सात सदस्यीय दल में शामिल वन दरोगा दिनेश लाल ने बताया कि फूलों की घाटी के निचले हिस्से में बर्फ पिघलने के बाद फूलों का खिलना शुरू हो गया है। यहां उच्च हिमालयी चोटियां बर्फ से आच्छादित हैं और घाटी की तलहटी में फूलों की कतार लगी हुई है।

हालांकि अभी सिर्फ एनीमोन और प्रिमुला प्रजाति के पुष्प ही खिले हैं। फूलों की घाटी के भ्रमण के लिए जुलाई, अगस्त व सितंबर के महीनों को सर्वोत्तम माना जाता है। सितंबर में यहां ब्रह्मकमल भी खिलते हैं।
 



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Enable Google Transliteration.(To type in English, press Ctrl+g)